निःशुल्क और स्वतंत्र सत्यापन, खाते की आवश्यकता नहीं

डिजिटल साक्ष्य की हैश वैल्यू ऑनलाइन सत्यापित करें

ProofSnap ट्रस्ट वेरिफायर एक निःशुल्क ऑनलाइन टूल है, जो किसी भी ProofSnap साक्ष्य पैकेज (.zip) में SHA-256 हैश वैल्यू, RSA-4096 डिजिटल हस्ताक्षर, Bitcoin ब्लॉकचेन टाइमस्टैम्प और EU eIDAS योग्य टाइमस्टैम्प आपके ब्राउज़र में ही दोबारा जाँचता है। यही हैश वैल्यू भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63(4) के प्रमाणपत्र में भरी जाती है। खाते की आवश्यकता नहीं।

100% क्लाइंट-साइड, आपकी फ़ाइलें कभी ब्राउज़र से बाहर नहीं जातीं। सत्यापन कोई भी कर सकता है: अधिवक्ता, न्यायाधीश, बीमा कंपनियाँ और जाँच एजेंसियाँ। सत्यापन का सोर्स कोड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है (अंग्रेज़ी में)

लेखक: Radim Motycka (लेखक का पृष्ठ अंग्रेज़ी में), संस्थापक एवं प्रमुख इंजीनियर, ProofSnap · · BSA की धारा 63 और हैश वैल्यू पर पूरी मार्गदर्शिका

क्या-क्या जाँचा जाता है

ट्रस्ट वेरिफायर हर साक्ष्य पैकेज की छह स्वतंत्र क्रिप्टोग्राफ़िक और फ़ोरेंसिक जाँचें करता है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि कैप्चर के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।

डिजिटल हस्ताक्षर

RSA-4096 हस्ताक्षर की जाँच से पुष्टि होती है कि मैनिफ़ेस्ट ProofSnap ने बनाया था और उसमें बाद में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

SHA-256 हैश की अखंडता

पैकेज की हर फ़ाइल के हैश की दोबारा गणना की जाती है और उसे मैनिफ़ेस्ट में दर्ज मान से मिलाया जाता है, जिससे किसी भी बदलाव का पता चल जाता है।

ब्लॉकचेन टाइमस्टैम्प

Bitcoin ब्लॉकचेन में एंकर किया गया OpenTimestamps प्रमाण दिखाता है कि साक्ष्य किसी निश्चित समय पर मौजूद था।

EU eIDAS टाइमस्टैम्प

EU विनियम 910/2014 के अंतर्गत योग्य इलेक्ट्रॉनिक टाइमस्टैम्प, जो EU ट्रस्टेड लिस्ट में शामिल योग्य ट्रस्ट सेवा प्रदाता द्वारा जारी किया जाता है।

अभिरक्षा शृंखला का सत्यापन

ISO/IEC 27037:2012 के अनुसार डिजिटल साक्ष्य की अभिरक्षा शृंखला कैप्चर से लेकर न्यायालय में प्रस्तुति तक दस्तावेज़ीकृत और अटूट होनी चाहिए। वेरिफायर तीनों घटकों की जाँच स्वतः करता है।

फ़ोरेंसिक लॉग

कैप्चर की शुरुआत से पैकेज बनने तक की हर घटना को जोड़ने वाली हैश शृंखला। हर प्रविष्टि क्रिप्टोग्राफ़िक रूप से पिछली प्रविष्टि से बँधी होती है, इसलिए किसी भी छेड़छाड़ का पता चल जाता है।

उपकरण की अखंडता

ब्राउज़र परिवेश का विश्लेषण ऑटोमेशन टूल और वर्चुअल मशीन जैसे संकेतकों की पहचान करता है, जो साक्ष्य की विश्वसनीयता पर असर डाल सकते हैं।

ISO/IEC 27037:2012

अभिरक्षा शृंखला का दस्तावेज़ीकरण डिजिटल साक्ष्य की पहचान, संग्रहण और परिरक्षण के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करता है।

BSA की धारा 63(4) का प्रमाणपत्र और हैश वैल्यू

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (BSA) 1 जुलाई 2024 से लागू है (गृह मंत्रालय की अधिसूचना S.O. 849(E), 23 फरवरी 2024) और उसी दिन से भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 को निरस्त कर दिया गया। धारा 61 इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को केवल इलेक्ट्रॉनिक होने के कारण अस्वीकार्य नहीं मानती, और धारा 63(4) के अनुसार ऐसे रिकॉर्ड के साथ अनुसूची में दिए गए प्रारूप का प्रमाणपत्र दाखिल करना होता है। उस प्रमाणपत्र में तीन बातें अनिवार्य हैं:

  1. इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की हैश वैल्यू (हैश मान)। अनुसूची में SHA-1, SHA-256, MD5 या अन्य विधिक रूप से स्वीकार्य मानक का विकल्प दिया गया है, और जिस एल्गोरिथ्म का उपयोग हुआ हो, वही भरना होता है।
  2. भाग A में कंप्यूटर या संचार उपकरण अथवा संबंधित गतिविधियों के प्रबंधन के प्रभारी व्यक्ति के हस्ताक्षर।
  3. भाग B में विशेषज्ञ के हस्ताक्षर। 22 मई 2026 के निर्णय में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कंप्यूटर विज्ञान और साइबर फ़ोरेंसिक में विशेष कौशल रखने वाले व्यक्ति को भी विशेषज्ञ माना जा सकता है। न्यायालय ने मद्रास उच्च न्यायालय की सीमित व्याख्या को बाध्यकारी नज़ीर मानने से इनकार किया और यह प्रश्न उपयुक्त मामले के लिए खुला छोड़ दिया।

“किसी इलेक्ट्रॉनिक डेटा की हैश वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक फ़िंगरप्रिंट के समान होती है।”

उच्चतम न्यायालय, पुणे बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ, रिट याचिका (सिविल) संख्या 599/2026, निर्णय 22 मई 2026, जिसमें धारा 63(4) और उसकी हैश वैल्यू संबंधी अनिवार्यता को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया गया। मूल निर्णय अंग्रेज़ी में है; यहाँ उसका हिन्दी अनुवाद दिया गया है। स्रोत: 2026 LiveLaw (SC) 551

ट्रस्ट वेरिफायर उसी हैश वैल्यू की आपके सामने दोबारा गणना करके दिखाता है, ताकि यह सिद्ध किया जा सके कि प्रमाणपत्र में लिखा गया मान फ़ाइल की मौजूदा स्थिति से मेल खाता है। विरोधी पक्ष भी ProofSnap पर भरोसा किए बिना यही जाँच अपने कंप्यूटर पर दोहरा सकता है। किसी एक फ़ाइल की SHA-256 हैश वैल्यू निकालनी हो तो हैश चेकर टूल (अंग्रेज़ी में) भी ब्राउज़र में ही चलता है। एक ProofSnap साक्ष्य पैकेज में सदस्यता योजना और चुने गए विकल्पों के अनुसार 11 से 15 फ़ाइलें होती हैं, और हर फ़ाइल का हैश मैनिफ़ेस्ट में अलग से दर्ज रहता है। पूरा भारतीय संदर्भ BSA की धारा 63 वाली मार्गदर्शिका में समझाया गया है।

ध्यान दें: प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर व्यक्ति स्वयं करते हैं, ProofSnap नहीं (विवरण नीचे FAQ में)। EU eIDAS योग्य टाइमस्टैम्प को यूरोपीय संघ में विनियम 910/2014 के तहत तिथि और समय की शुद्धता की क़ानूनी उपधारणा प्राप्त है। भारतीय न्यायालय में इससे स्वतः कोई उपधारणा नहीं बनती, पर स्वतंत्र तृतीय पक्ष की तकनीकी पुष्टि के रूप में यह साक्ष्य का महत्व बढ़ाता है।

डिजिटल साक्ष्य ऑनलाइन कैसे सत्यापित करें

सत्यापन में आमतौर पर 30 सेकंड से भी कम समय लगता है। ZIP अपलोड करें, वेरिफायर हर हैश की दोबारा गणना करता है, डिजिटल हस्ताक्षर जाँचता है और टाइमस्टैम्प को बाहरी प्राधिकरणों से मिलाता है, और वह भी आपकी फ़ाइल को किसी सर्वर पर भेजे बिना।

1

साक्ष्य पैकेज अपलोड करें

ProofSnap की .zip फ़ाइल चुनें या खींचकर छोड़ें। फ़ाइल पूरी तरह आपके ब्राउज़र में प्रोसेस होती है, किसी सर्वर पर कुछ नहीं भेजा जाता।

2

क्रिप्टोग्राफ़िक जाँच

वेरिफायर manifest.json पढ़ता है, हर फ़ाइल के SHA-256 हैश की गणना करता है और साथ दी गई सार्वजनिक कुंजी से RSA-4096 डिजिटल हस्ताक्षर जाँचता है।

3

टाइमस्टैम्प का सत्यापन

यदि पैकेज में मौजूद हों, तो Bitcoin ब्लॉकचेन टाइमस्टैम्प (OpenTimestamps) और EU eIDAS योग्य टाइमस्टैम्प बाहरी प्राधिकरणों से मिलाकर जाँचे जाते हैं।

4

परिणामों की रिपोर्ट

हर जाँच का परिणाम अलग-अलग दिखाया जाता है, स्पष्ट रूप से सफल या विफल के रूप में, ताकि आप साक्ष्य के साथ पूरी सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल साक्ष्य की अखंडता, अदालत में स्वीकार्यता और ProofSnap ट्रस्ट वेरिफायर के काम करने के तरीके से जुड़े सामान्य प्रश्न।

अदालत में टिकने वाला साक्ष्य बनाना शुरू करें

7 दिन का ट्रायल; इसके लिए भुगतान कार्ड आवश्यक है। वेब पेजों को ब्लॉकचेन टाइमस्टैम्प और डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऐसे साक्ष्य में बदलें, जिसे कोई भी स्वतंत्र रूप से जाँच सके।

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